रायपुर

छत्तीसगढ़ में हनीट्रैप गैंग सक्रिय, ब्लैकमेल कर वसूलते हैं पैसे, एक वकील गिरफ्तार

बलौदाबाजार में  कारोबारियों, अफसरों को हनीट्रैप में फंसाने का मामला सामने आया है। हाल ही में इसका भंडाफोड़ हुआ जब दो लोग शिकायत लेकर पुलिस के सामने आए। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। वहीं इस मामले में चार लोगों का नाम सामने आया था। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकि तीन आरोपी अभी भी फरार है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी पेशे से अधिवक्ता है।

जानकारी के अनुसार हनीट्रैप मामले में 11 लोगों के नाम सामने आये थे। जिसमें पुलिस सिर्फ चार लोगों का नाम सामने लेकर आइ है। हनीट्रैप मामले में एक नेता, दो महिला, दो पुलिसकर्मी सहित 11 लोगों के नाम शामिल है। जिसमें पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार कर लिया है।

सोमवार शाम सिटी कोतवाली में हुई प्रेसवार्ता के दौरान एसडीओपी निधि नाग ने गिरफ्तार किए गए एक मात्र आरोपी अधिवक्ता महान मिश्रा के संबंध में जानकारी दी कि पीडित द्वारा उनके केनरा बैंक के खाते में 5 लाख रुपए ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई है जिसके आधार पर उनकी रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया गया है बाकी फरार लोगों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वहीं पीड़ित ने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें लड़की सप्लाई की थी। उनके साथ वे एक कमरे में गए। कुछ ही देर में नकली पुलिसवाले आ गए। फंसाने की धमकी देने लगे। इस रैकेट ने 2 लोगोें से ही 25 लाख रुपए की ठगी की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि और भी लोग इस रैकेट के शिकार हुए होंगे, जो बदनामी के डर से सामने नहीं आ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

बलौदाबाजार में बीते कुछ महीनों से एक संगठित गिरोह लोगों को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर ठगने का काम कर रहा था। थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा भयादोहन कर, झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए, लाखों रुपए की वसूली करने वाले इन आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। थाना सिटी कोतवाली में प्रकरण की जांच में पीड़ित पक्ष से विस्तृत पूछताछ की गई है। जिसमें यह तथ्य सामने आया कि मुख्य सरगना मोंटी उर्फ प्रत्यूष मरैया, दुर्गा टंडन, शिरीष पांडे, महान मिश्रा व अन्य आरोपियों द्वारा महिलाओं को पीड़ितों के घर में भेजा जाता था। कभी वीडियो बनाकर, कभी समाज में जलील करने तो कभी पुलिस में झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम उगाही की जाती थी। लोगों को डराने वे नकली पुलिस का भी इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने मामला संज्ञान में आने पर जांच कर अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है।

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