रायपुर

शराबी शिक्षक की नौकरी खत्म : नशे में कहा था- बता दो जाओ कलेक्टर को, किसी से नहीं डरता….

बिलासपुर। देशभर में वायरल होने वाले शराबी शिक्षक की नौकरी कलेक्टर ने खत्म कर दी। शिक्षक का पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में शिक्षक ने महिला प्रधान पाठिका के सामने शराब पी और कहा कि बता दो जाओ कलेक्टर को, मैं किसी से नहीं डरता। भारी टेंशन है, इसलिए शराब पीता हूं।

अब प्रशासन ने शराबी शिक्षक के खिलाफ बर्खास्तगी की सख्त कार्रवाई की है। इससे अन्य शिक्षकों को भी कड़ा संदेश गया है। कुछ मामले में सिर्फ निलंबित की कार्रवाई से शराबी शिक्षकों का हौंसला बढ़ गया था। इससे पूरे देश में छत्तीसगढ़ की गलत छवि बन रही थी। बता दें कि शराबी शिक्षक को कलेक्टर के अनुमोदन के बाद बर्खास्त कर दिया गया है।

पूरा मामला मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला मचहा का है। सहायक शिक्षक संतोष कुमार केंवट 28 फरवरी को स्कूल में शराब लेकर पहुंचे थे। और अशोभनीय हरकत करते हुए महिला प्रठान पाठिका तुलसी गणेश चौहान एवं स्टाफ के सामने बैठकर शराब पीने लगे। साथ में चखना भी रखा था। इस दौरान अशोभनीय बयानबाजी करते हुए कहा कि मैं आज स्कूल में शराब पी रहा हूं, हमेशा शराब पीता हूं,जाओ कलेक्टर, डीईओ जिससे शिकायत करनी है कर दो। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसका किसी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया।

शराबी शिक्षक को निलंबित कर एफआईआर दर्ज की गई थी और जांच बैठाई गई थी। जांच में प्रधानपाठिका व समस्त स्टाफ के साथ बच्चों ने बयान दिया कि संतोष केंवट आए दिन शराब के नशे में स्कूल आते हैं और स्कूल में भी शराब का सेवन करते हैं। घटना को भी यह शराब के नशे में अशोभनिय बातें कर रहे थे और उनके मुंह से शराब की बदबू आ रही थी।

संतोष कुमार केंवट का कृत्य कलंकित करने वाला

बर्खास्तगी आदेश में लिखा कि, निलंबित सहायक शिक्षक संतोष कुमार केंवट का कृत्य घोर निंदनीय श्रेणी में आता है, जो पदीय गरिमा को कलंकित करते हुए छात्र भविष्य दर्पण को कलंकित किया हैऑ। साथ विभाग की छवि तार-तार किया गया है, जो सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का पूर्णतः उल्लघंन है। इसलिए संतोष कुमार केंवट को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत शासकीय सेवा से पदच्युत किया जाता है।

 

 

 

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