रायपुर

घोटालों के आरोपियों से हुई घंटो पूछताछ : आज सौम्या चौरसिया और रानू साहू की बारी, ईओडब्ल्यू – एसीबी करेगी ग्रिलिंग

रायपुर। एसीबी, ईओडब्ल्यू की छह सदस्यीय टीम ने शनिवार के दिन भी सेंट्रल जेल में बंद कोयला और शराब समेत महादेव सट्टेबाजी के आरोपियों से घंटो पूछताछ की। घंटों चली इस पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसियों ने उनके बयान दर्ज किए गए। जानकार सूत्रों ने बताया कि कोयला घोटाले के मुख्य आरोपित निलंबित आइएएस समीर विश्नोई, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल को आमने-सामने बैठाकर अधिकारियों ने घंटों सवाल पूछे। हालांकि अधिकांश सवालों के जवाब इन लोगों ने पूर्व में ईडी को दिए गए बयान के आधार पर ही दिए। यानी पहले के बयान पर ही टिके रहे। जांच अधिकारियों का यह दल पूरी तैयारी के साथ जेल पहुंचा था। वह अपने साथ वीडियो रिकार्डर, कंप्यूटर, प्रिंटर, लैपटाप के साथ ही लाल कपड़े में लपटे ढेरों दस्तावेज के साथ जेल के भीतर गया था।

घोटाले में भूपेश बघेल का भी नाम

केस में आरोपितों की पूछताछ सूची में सबसे महत्वपूर्ण आरोपित निलंबित एएसआइ चंद्रभूषण वर्मा का नाम दर्ज नही होने की चर्चा है, जबकि वर्मा पर महादेव एप सट्टेबाजी की करोड़ों की रकम तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके सलाहकार विनोद वर्मा के ठिकानों पर पहुंचाने का आरोप है। हालांकि इसकी पुष्टि किसी अधिकारी ने नहीं की है। आइपीएस और एएसपी, डीएसपी को भी लाखों रुपये का हर महीने भुगतान करने का बयान भी ‘चंद्रभूषण ने ईडी को दिया था। वहीं सट्टेबाजी में शामिल रायपुर, दुर्ग और कांकेर में पदस्थ एक एएसआइ और दो आरक्षकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए एसीबी ने तलब किया है।

भ्रष्टाचार पर मेन फोकस

जांच अधिकारियों का कहना है कि तीनों हाइप्रोफाइल केस में हमारा फोकस केवल भ्रष्टाचार पर है। शराब, कोयला घोटाला के साथ महादेव एप सट्टेबाजी में कौन- कौन अधिकारियों, नेताओं ने संरक्षण देकर पैसे लिए हैं, जबकि ईडी की जांच मनी लांड्रिंग और हेवाला को लेकर की गई है।

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