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कब है शीतला अष्टमी: जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

हिन्दू धर्म में शीतला अष्टमी का बहुत माना जाता है।होली से ठीक आठ दिन बाद चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। शीतला अष्टमी को बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता शीतला की पूजा का विधान है। शीतला अष्टमी की पूजा एवं व्रत माताएं अपने बच्चों को लिए रखती हैं।जानें इस साल कब पड़ रहा है बसोड़ा, क्या है उसका शुभ मुहुर्त और उससे जुड़ा महत्व।

 

बसोड़ा या शीतला अष्टमी 2024 कब है? (Sheetala Ashtami 2024 Kab Hai)

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का शुभारंभ 1 अप्रैल, दिन सोमवार को रात 9 बजकर 9 मिनट से हो रहा है। वहीं, इसका समापन 2 अप्रैल, दिन मंगलवार को रात 8 बजकर 8 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, बसोड़ा का व्रत 2 अप्रैल को रखा जाएगा।

बसोड़ा या शीतला अष्टमी 2024 का शुभ मुहूर्त (Basoda or Sheetala Ashtami 2024 Ka Shubh Muhurat)
बसोड़ा यानी कि शीतला अष्टमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 2 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन शाम 6 बजकर 39 मिनट पर होगा। यानी कि पूजा के लिए कुल अवधि लगभग 12 घंटे के आसपास की है। इसमें पूजा करना शुभ रहेगा।

बसोड़ा या शीतला अष्टमी 2024 का महत्व (Basoda or Sheetala Ashtami 2024 Ka Mahatva)

शास्त्रों में दिए गए वर्णन के अनुसार, शीतला अष्टमी का व्रत महिलाएं घर की सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं, लेकिन मुख्य रूप से यह व्रत महिलाओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र और निरोगी काया के लिए रखा जाता है। इस व्रत को लेकर ऐसी मान्यता है कि इसके निर्वाहन से बच्चों को चेचक, खसरा और आंखों की बीमरी परेशान नहीं करती है।

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