रायपुर

कलिंगा विश्वविद्यालय में धूमधाम के साथ मनाया गया हिंदी दिवस

रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय के अंतर्गत हिन्दी विभाग के तत्वावधान में हिन्दी दिवस समारोह पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती की मूर्ति एवं हिन्दी के कालजयी साहित्यकारों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस प्रतियोगिता में सम्मिलित विश्वविद्यालय के 35 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का परिचय दिया।

लोकनृत्य प्रतियोगिता के अंतर्गत विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक एवं शास्त्रीय लोकनृत्य का प्रदर्शन करके दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। महाराष्ट्र प्रदेश के प्रमुख लोकनृत्य ‘लावणी’, राजस्थानी लोकनृत्य, महाभारत पर आधारित शास्त्रीत नृत्य, गुजरात के गरबा, शास्त्रीय नृत्य के अंतर्गत कत्थक, उड़ीसा के संबलपुरी लोकनृत्य का प्रदर्शन कर लाजवाब प्रस्तुति दी ।

सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. विनीता दीवान के निर्देशन में सुप्रसिद्ध कथाकार सआदत हसन मंटो की कहानी पर आधारित लघु नाटिका ‘अनारकली’ का मंचन किया गया जिसमें विद्यार्थियो के द्वारा आकर्षक अभिनय का प्रदर्शन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अगले चरण में ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट विभाग की एडवोकेट जूही के निर्देशन ‘हिन्दी बोले’ नाट्य गीत को प्रस्तुत किया गया, जिसमें इंजीनियरिंग विभागों ने गीत, संगीत और अभिनय के साथ लाजवाब प्रस्तुति दी।

समारोह के अगले चरण में इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.अभिषेक अग्रवाल के द्वारा हास्य कविता ‘तुलसीदास’ को प्रस्तुत किया गया और बी.ए. तृतीय सेम. की विद्यार्थी कनक के गाए हुए गीतों को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये। इसके पश्चात एडवोकेट जूही ने ‘मत कर काया पर अभिमान’ गीत की प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

प्रतियोगिता के उपरांत काव्य पाठ प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, शब्दार्थ प्रतियोगिता, पहेली प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ तीन प्रतिभागी विद्यार्थियों को एवं लोकनृत्य प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ नौ प्रतिभागियों के साथ – साथ सुविख्यात कहानीकार मंटो की कहानी पर आधारित ‘अनारकली’ नाटक में अभिनय करने वाले सभी विद्यार्थियों को ट्राफी एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन बी.ए.पंचम सेम की लतिका चंद्रा और मुकेश नायक, बी.ए.तृतीय सेम.की तिस्ता खूंटे और बी.काँम.के सिद्धार्थ टिकरिया और बीजेएमसी तृतीय सेम.की जिज्ञासा साहू और बीजेएमसी पंचम सेम. की खुशबू साव ने किया। स्वागत, मंच सज्जा और पुरस्कार वितरण की जिम्मेदारी कॉमर्स एवं मैनैजमेंट की विद्यार्थी ज्योति शाह और उनके साथियों ने पूर्ण करी। तकनीकी व्यवस्था का कार्यभार आईटी विभाग के दौलत साहू ने निभाया। फोटोग्राफी और वीडियो की जिम्मेदारी को मो.युनूस खान और उनकी टीम ने निभाया। प्रतियोगिता के निर्णायक के रुप में कलिंगा विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय के प्राचार्य डॉ. संदीप प्रसाद तिवारी, विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव और डॉ. सुषमा दुबे उपस्थित थीं।

अंत में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ल ने इस आयोजन के महत्व और उपलब्धियों पर अपनी बात रखी। कला एवं मानविकी संकाय की अधिष्ठाता डॉ.शिल्पी भट्टाचार्य ने कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की। इस अवसर पर कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलानुशासक, डॉ.ए.विजय आनंद, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ.सुशांत साहू, डॉ.पापड़ी मुखोपाध्याय, डॉ. श्रद्धा हिरकने, डॉ. वफी अहमद खान, अर्चना नागवंशी, डॉ. आकृति देवांगन, तुहिना चौबे, गीतिका ब्रह्मभट्ट, एल.ज्योति रेड्डी, मेरिटा जगदल्ला, जेसिक मिंज, आशीष कुमार सामल के साथ साथ सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थें।

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