रायपुर

वेद भी करते हैं भाषा और राष्ट्र के संबंधों की पुष्टि : गिरीश पंकज

रायपुर / हिंदी दिवस के अवसर पर मैं भारत हूं फाउंडेशन के तत्वावधान में स्थानीय वृंदावन हाल में “हिंदी का बढ़ता वैश्विक स्तर” विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें मुख्य वक्ता गिरीश पंकज ने बताया कि भाषा और राष्ट्र का परस्पर बहुत गहरा संबंध होता है। भाषा से ही राष्ट्र की पहचान है, इस बात की पुष्टि हमारा ऋग्वेद भी करता है।
कार्यक्रम संयोजक कैलाश रारा ने प्रश्न उठाया की राष्ट्र का संविधान है, राष्ट्र की संसद है फिर राष्ट्र की भाषा क्यों नहीं है। एक सम्प्रभु राष्ट्र को उसकी भाषायी पहचान मिलनी ही चाहिए।
संगोष्ठी में उपस्थित सुरेंद्र पाटनी, राजकुमार राठी, संजीव जैन, ज्ञानचंद पाटनी, उर्मिला उर्मी, उषा गंगवाल, राजेश रज्जन, लक्ष्मी नारायण लाहोटी, लखन लाल बानी आदि सभी वक्ताओं ने एक स्वर में स्वीकार किया कि जिस प्रकार अभी हाल ही में G-20 के आयोजन में केंद्र की वर्तमान सरकार ने ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द का प्रयोग किया उससे आशा बंधती है कि हिंदी अब बहुत शीघ्र ही राष्ट्र की भाषा बनेगी।
आयोजन में मुख्य रूप से फिल्म निर्माता संतोष जैन डॉ. हेमू यदु, संतोष काला आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
मंच का संचालन ममता जैन ने किया तथा आभार प्रदर्शन भरत जैन के द्वारा किया गया।

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